STORYMIRROR

Neer N

Abstract

2  

Neer N

Abstract

सच्चे झूठे....

सच्चे झूठे....

1 min
151

कितना अच्छा है के हम 

किसी को अच्छे नहीं लगते

अपने जैसा ही समझते हैं

सब सभी को,

इतने झूठे हैं सब कि

हम किसी को सच्चे नहीं लगते।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract