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Praveen Gola

Romance

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Praveen Gola

Romance

सच्चा दोस्त

सच्चा दोस्त

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तुमको ही सच्चा दोस्त माना ,तुम ही हो जिसे अपना जाना ,फिर सोचा कि ऐसा क्या है तुममे ?आँखों के आगे तुम्हारा चेहरा आना।

कभी लगता है कि ये एक प्यार है ,मीठी - मीठी सी कोई तकरार है ,नई - नई तुम्हारी दोस्ती का ....ये एक खूबसूरत आभार है।

हजारों शब्द अब देने लगे गवाही ,है कोई दोस्त जिसने दोस्ती निभाई ,मालूम नहीं उसे शब्दजाल में ,फँसा लेगी कोई दीवानी परछाई।

कभी - कभी अब डर लगता है ,जब कोई इन पन्नों को पलटेगा ,हम दोस्त बनके कब मिले ?शायद ही उसे यकीन होगा।

हमारी दोस्ती का अर्थ गहरा ,ये एक ऐसी बेमिसाल बात है ,जहाँ दो आत्मायें भटकती रहीं ,फिर भी पूरा संवाद है।।



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