STORYMIRROR

Raghav Dixit

Inspirational

3  

Raghav Dixit

Inspirational

सच क्यों खड़ा अकेला है?

सच क्यों खड़ा अकेला है?

1 min
120

चारों ओर अंधेरा है

तम ने सूरज को घेरा है।

झूठों का तो मेला है

पर सच क्यों खड़ा अकेला है?


माना अभी उदासी है। 

सच्चाई कुछ दिन को दासी है

झूठों की कौरव सेना को

सच अकेला काफी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational