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Raghav Dixit

Inspirational

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Raghav Dixit

Inspirational

सच क्यों खड़ा अकेला है?

सच क्यों खड़ा अकेला है?

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चारों ओर अंधेरा है

तम ने सूरज को घेरा है।

झूठों का तो मेला है

पर सच क्यों खड़ा अकेला है?


माना अभी उदासी है। 

सच्चाई कुछ दिन को दासी है

झूठों की कौरव सेना को

सच अकेला काफी है।


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