सावन आया !
सावन आया !
बादलों की गड़गड़ाहट के संग
सावन आया रिमझिम-रिमझिम
ऐसे में मन मेरा ढूंढ़े तुझको सैंया
हैं कौन दिसा तू मोरे सजन !
खातिर तुझसे मिलने को साजन
मनवा तरसे मेरा वो बाट तके तेरी
है सब सूना-सूना तुझबिन रे सजन
दिन रैना ये नैना बरसे रिमझिम !

