सत्येंद्र कुमार मिश्र शरत
Inspirational
अपने से
कब तक
भागेंगे हम,
छिपाएंगे चेहरा
आईने से कब तक,
नजर अंदाज करेंगे अपनी
कमियों को
कब तक।
आओ
अपनी
कमियों के साथ
जीना और
मुस्कुराना सीख लें।
सामना करें
अपना
आईने के सामने।
आसान
हो जाएगी ज़िंदगी।
कालोनी के लोग
धार
सामना
प्रत्यंचा
रूठना मनाना
पहली बार
कोई आया
व्यस्त
न्याय
बिखरते रिश्ते
मिट्टी की बढ़ती मोल , मानव जीवन है अनमोल । मिट्टी की बढ़ती मोल , मानव जीवन है अनमोल ।
कभी जिंदगी की तकलीफें कभी परिवार की परेशानी इंसान को बड़ा रुलाती है। कभी जिंदगी की तकलीफें कभी परिवार की परेशानी इंसान को बड़ा रुलाती है।
बूंद बूंद समेट कर लिख अपना कल, दिल लगा के काम कर जरूर निकलेगा हल । बूंद बूंद समेट कर लिख अपना कल, दिल लगा के काम कर जरूर निकलेगा हल ।
गुरु की वाणी वेद है, गुरु ज्ञान आधार है। गुरु की वाणी वेद है, गुरु ज्ञान आधार है।
दुनिया की भीड़ में सबसे अलग हैं हमारे फ़ौजी वाले रियल हीरो ॥ दुनिया की भीड़ में सबसे अलग हैं हमारे फ़ौजी वाले रियल हीरो ॥
नन्हे दिल से वृद्ध की लाठी पढ़नी है स्वच्छता की पाठी नन्हे दिल से वृद्ध की लाठी पढ़नी है स्वच्छता की पाठी
बहुत हो चूका उलझनों संग उलझना, अब इन्हें सुलझ जाने दो बहुत हो चूका उलझनों संग उलझना, अब इन्हें सुलझ जाने दो
मंजिल बहुत दूर है लेकिन थोड़ा तू चल कर देख मंजिल बहुत दूर है लेकिन थोड़ा तू चल कर देख
देश के रक्षक जान पर खेल कर वतन की हिफाजत करते हैं। देश के रक्षक जान पर खेल कर वतन की हिफाजत करते हैं।
सबको हक अधिकार हो ,मिले मान सम्मान। सबको हक अधिकार हो ,मिले मान सम्मान।
जिसकी मिट्टी में सोना उगलती है जिसकी मिट्टी में सोना उगलती है
सफलता के हुनर उन्हें आते हैं दुनियादारी को जो जान जाते हैं। सफलता के हुनर उन्हें आते हैं दुनियादारी को जो जान जाते हैं।
आपने जिन्दगी में सही गलत अपने नाटकों से सिखा दिया, आपने जिन्दगी में सही गलत अपने नाटकों से सिखा दिया,
चूल्हे-चौके तक ही नहीं सीमित होती हैं बेटियाँ। चूल्हे-चौके तक ही नहीं सीमित होती हैं बेटियाँ।
मृत्यु सत्य है शाश्वत। मृत्यु सत्य है शाश्वत।
मन पर कोई बोझ ना हो चैन से चादर तान के सोना है मन पर कोई बोझ ना हो चैन से चादर तान के सोना है
रंग नूतन संसार का कुछ ऐसा सुंदर करम रंग नूतन संसार का कुछ ऐसा सुंदर करम
काफी दूर चलना है तुझे , मुश्किलों से लड़ गुज़रना है तुझे। काफी दूर चलना है तुझे , मुश्किलों से लड़ गुज़रना है तुझे।
खींचती झूले की डोरियाँ माँ, तू तो एक जादू है। खींचती झूले की डोरियाँ माँ, तू तो एक जादू है।
आओ हम सब एक संकल्प लेंं , दया भाव और करुणा के। आओ हम सब एक संकल्प लेंं , दया भाव और करुणा के।