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Shalinee Pankaj

Inspirational


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Shalinee Pankaj

Inspirational


रोटी

रोटी

1 min 187 1 min 187

रोटी की सुनाऊँ मैं क्या दास्तान

कैसे करूँ मैं इसका बखान

खुशहाल जिंदगी सबकी होती

गर मिल जाए सबको दो वक्त की रोटी


पर बिन मेहनत के नहीं मिलता

जिसे मिले वो इसकी कद्र नहीं करता

क्या दोष उन बच्चों का

भूखा रह जो है तड़पता

धिक्कारती है तब अंतरात्मा


गौ ग्रास और कोओं का क्या खिलाना

बहुत सी इसकी कहानी

रोटी रहित कैसी जिंदगानी

काश की हर कोई संकल्प करे

जितनी भूख उतना ही ले


समारोह उत्सव में 

ना अन्न का अपमान हो

भूखा यहाँ ना अब कोई इंसान हो

मेहनत की रोटी ही खाये हर कोई

पर बुजुर्ग बच्चों पर दया करो हर कोई


जहाँ मिले कोई नन्हा शैतान

खिलाओ उसे बना मेहमान

भूख से जब मिलेगी तृप्ति

देखो आँखों से दुआएँ बरसती।



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