STORYMIRROR

Monika Sharma "mann"

Abstract

4  

Monika Sharma "mann"

Abstract

रंगों भरा जीवन

रंगों भरा जीवन

1 min
398

कोई क्यों तेरे जीवन में रंग भरेगा 

जब तू निराशा से घिरा रहेगा 


कुदरत को नहीं निहारेगा 

कोई क्यों तुझे सवारेगा 


जिंदा रहना है तो कर्म करना होगा 

प्रत्येक परिस्थिति से लड़ना होगा 


त्योहारों को गले लगाना होगा 

अपनों के समीप जाना होगा 


खूबसूरत दुनिया है इसे पहचान ले 

आ थोड़ा खुद को भी जान ले


अकेला आया था अकेला ही जाएगा 

जितना बोला है उतना ही तो पाएगा


 रंग बिरंगी है दुनिया इसमें खुद को

ढाल ले जीवन तेरा ही है इसको सवार ले।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract