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Harshita Dawar

Abstract

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Harshita Dawar

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रंगीन संस्कृति

रंगीन संस्कृति

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आज रंगीन संस्कृतिक में लिपटे नज़ारे बदल रहे थे,

किसी की दुनिया में कुछ लोग शामिल हो रहे थे,


लिपटे अरमानों की स्याही से नई पहचान की

कहानी ब्यान कर रहे थे, कितने रंगऑरेंज दौर में

दौड़ती नई नवेली हसीना की महफ़िल सजाने जा रही है।


उम्मीवारों की तरह मुंह बंद रखने वालों का

जमाई राजा नया मोड़ लेने निकाल रहा है।


अब वक़्त ही बताएगा प्यार में पागल पंछी कब तक

इस खुले आसमान के तले आशियाने बसाने में

ख़ुद को सलाम अदा करेंगे।


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