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Rita Jha

Abstract

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Rita Jha

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रंग और रंगत

रंग और रंगत

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रंग अपनी रंगत दिखाती जब वह सादगी से मिल जाती।

अपने रंग में रंग डाले, बना दे सफेद को भी रंगीन।


जिंदगी में भी कुछ ऐसे ही रंग दिखते हैं अपने आसपास।

सीधे-साधे को कपटी बना देते हैं, छल कपट करने वाले।


कुछ रंग ऐसे होते हैं जो अन्य रंग में मिलने पर भी नहीं बदलते।

ऐसे रंगो को पक्का रंग कहा जाता है हमेशा काम आते। 


जिंदगी में कुछ ऐसे रंग भी दिखते हैं अपने आसपास।

चाहे लाख विपरीत परिस्थिति आए वे नहीं डगमगाते।


कुछ रंग ऐसे होते हैं जो दूसरे संग मिलकर एक नया रंग बनाते हैं।

दोनों रंग अपनी पुरानी पहचान खोकर एक नई पहचान बनाते हैं।।


जिंदगी में कुछ ऐसे रंग भी दिखते हैं अपने आसपास।

विपरीत स्वभाव वाले समायोजन के लिए बदल जाते हैं।



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