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KAVY KUSUM SAHITYA

Romance

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KAVY KUSUM SAHITYA

Romance

रौनक

रौनक

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ख्वाबों कि हसरत, जन्नत कि जीनत सांसो,

धड़कन कि चाहत, राहत कि रौनक।


नादा, नाज़ुक, कमसीन भोली करम किस्मत

कि खिली कली मासूम मोहब्बत कि रौनक।


झील का कमल सुर्ख सूरज कि लाली जवाँ

लबों का ईमान हुस्न इश्क के दीदार कि रौनक। 


खुदा का नूर, चश्मे बद्दूर गुले गुलज़ार कि ख्वाहिश

ख्वाब खुश्बू बाहर कि मस्ती कि हस्ती कि रौनक।             


जवां दिल कि दस्तक, जुनून कि जानम मोहब्बत कि

मल्लिका जिन्दगी के मकसद मंज़िल सौगात कि रौनक।


नज़रों का पैमाना अरमानो दौलत खजाना किसी कि

आहों का बहाना जमीं कि चांदनी जमाने के मुस्कान कि रौनक।


मतवाली, बलखाती, मचलती जमीं पे चांद कि

चांदनी बाला हाला मधुशाला कि शान कि रौनक।


तमाम मन्नातों मुरादों कि हकीकत दुनिया कि

अजीम अजीज नाज़ कि आरजू के आसमान कि रौनक।


फिज़ाओं कि हवा॒ओं में बिखरी जुल्फों में छुपा चांद सा

चेहरा दिवानों कि दीवानगी जुनून कि रौनक।


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