राष्ट्रप्रेम गीत (26)
राष्ट्रप्रेम गीत (26)
करते हैं सावधान, हो जाओ होशियार।
अब हमारी ये गोली, चलने वाली है।।
लातों के भूत तुम,
न बातों से मानते।
तीसरी आंख हमारी,
खुलने वाली है।।
लिख-लिख मनाया हम,
मौखिक मनाया हम।
अब हमारी कृपाण,
चलने वाली है।।
न बच के जा पाओ,
न ही भाग ही पाओ।
रण में चंडी,
बिफरने वाली है।।
हम तो यार ही समझे,
तुमने छुरा आ भोंका।
अब गर्दन तुम्हारी,
कटने वाली है।।
