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Seema sharma Pathak

Classics

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Seema sharma Pathak

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राखी का त्यौहार

राखी का त्यौहार

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घर घर आई है बहार 

आया राखी का त्यौहार 

बहना लेगी नजर उतार 

ले बलैंया बार - बार।


रक्षाबंधन का पवित्र दिन 

कैसे रहे बहना भैया बिन 

ले हाथ में थाली और रोली 

बहना खुशियों से भरती झोली।


आई अपने भैया के द्वार 

करने प्रेम की बौछार 

मनाने राखी का त्यौहार 

मन में लेके बहुत प्यार।


भैया की उम्र लम्बी करना 

भगवान मेरी विनती सुनना

करती प्रार्थना बारम्बार 

मन में भरकर हर्ष अपार।


बहना प्यार बांटने आती 

बचपन के लम्हे छांटने आती 

कर लेती याद लम्हे पुराने 

बीत गये जो प्यारे फसाने।


देती आशीर्वाद बेशुमार 

मुस्कराती पाकर उपहार 

रक्षाबंधन का त्यौहार 

मनाता समस्त संसार।


रक्षा करूंगा है सौगन्ध बहन 

न करना कभी तु आंखे नम 

मैं साथ हमेशा हूं तेरे 

तु साथ हमेशा रहना मेरे 


अनगिनत यादें साथ ले जाती 

भैया को देख देख मुस्काती 

खुशियों का है अम्बार 

पवित्र राखी का त्यौहार।


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