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Khyati Garg

Inspirational

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Khyati Garg

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राही का धर्म

राही का धर्म

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मंजिल से ज्यादा सुन्दर होता है सफर 

हार मत मान, तू कोशिश कर। 

अगर कभी लगे कि बीच मंजिल में डगमगाती है तेरी नाँव,

तो चिंता मत कर, ये जिन्दगी है,

यहाँ कभी धूप तो कभी छाँव ।

माना तेरी राहों में कांटे बहुत हैं आते, 

पर बिना परिश्रम सफल नहीं हो पाते।

 माना तेरी मंजिल है बहुत दूर,

पर अपनी हिम्मत को न होने देना चूर।

 रुक मत, तू कोशिश कर तो सही, 

इस दुनिया में तेरा जैसा कोई भी नहीं।

सब्र कर,तू तो बस कर मेहनत,

एक दिन ज़रूर होगी तुझपर रब की रहमत।

इस बात से तो मैं भी हूँ सहमत,

तू किसी से भी डर मत।

बन निडर,तू रख होंसला,

तेरी किस्मत का वो रब करेगा फैसला।

अपने दुःख-दर्द को अब तो तू समेट,

कष्ट एवं पीड़ा से ग्रस्त काया पर संयम की चादर को लपेट।

चाहे कोई रचे कितनी ही साजिश,

चाहे हो जाये कितने ही कष्टों की बारिश, 

चाहे ये जग लगाए तुझपर बंदिश,

थमने न देना अपनी कोशिश।

आज उठा पर्दा डर का,भूल सारी शर्म,

ओ मुसाफिर! तू करता चल अपना कर्म,

जारी रख अपना परिश्रम,

राही का ये ही होता है धर्म। 


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