Sandeep Sharma
Action
धरती नहीं देंगे मरने
सजायेेंगे सवारेेंगे
पेड़ों से सजा देंगे।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
कुंवारी है रातें, अधूरी है बातें मिलन की आस प्रेम आगोश में समाने की सौगात कुंवारी है रातें, अधूरी है बातें मिलन की आस प्रेम आगोश में समाने की सौगात
लोगों को ना पता है यूँ ही जलते है मुझसे। यह हस्ती बनी है बड़ी ही मेहनत करने पर लोगों को ना पता है यूँ ही जलते है मुझसे। यह हस्ती बनी है बड़ी ही मेहनत करने पर
कड़वाहट में भी पल भर, मीठापन घोल जाती हैं कड़वाहट में भी पल भर, मीठापन घोल जाती हैं
हर एक अदा पर तेरे, चमन जो महक उठा ऐसा भी क्या रश्क है, शहाब ए गुलाब में हर एक अदा पर तेरे, चमन जो महक उठा ऐसा भी क्या रश्क है, शहाब ए गुलाब में
औरों के ही हो प्यार के रंग हज़ार, मेरे तो सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम प्यार। औरों के ही हो प्यार के रंग हज़ार, मेरे तो सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम प्यार।
कोहिमा लिया जीत, नाम कमाया जवानी गर्व करें सब लोग, भोजास के सेनानी। कोहिमा लिया जीत, नाम कमाया जवानी गर्व करें सब लोग, भोजास के सेनानी।
ऐसे इंसानों के चंगुल में फंसकर और करो ना अपना भविष्य बर्बाद। ऐसे इंसानों के चंगुल में फंसकर और करो ना अपना भविष्य बर्बाद।
हकीकत सामने आ गया जब तो सच से पर्दा उठाओ न।। हकीकत सामने आ गया जब तो सच से पर्दा उठाओ न।।
वो इस देश के हर बहना का भाई है। वो इस देश के हर बहना का भाई है।
उपजे अन्न अपार, हटे जगत की उदासी खूब बने बरसात, रहे ना धरती प्यासी। उपजे अन्न अपार, हटे जगत की उदासी खूब बने बरसात, रहे ना धरती प्यासी।
जन्म हो या मरण हो, मुंडन हो या परिणय हो, दिन-रात बस मोबाइल की शरण हो! जन्म हो या मरण हो, मुंडन हो या परिणय हो, दिन-रात बस मोबाइल की शरण हो!
भंवरे तितली गाते जाये, दादुर छेड़े मिलकर गान। भंवरे तितली गाते जाये, दादुर छेड़े मिलकर गान।
चलो, हम आत्मनिर्भर भारत की जागृति हेतु ये दिव्य-दीप जलाएँ...!! चलो, हम आत्मनिर्भर भारत की जागृति हेतु ये दिव्य-दीप जलाएँ.....
तय मुकाम पाकर होगा अनुपम सबेरा दुआओं की नौका... तय मुकाम पाकर होगा अनुपम सबेरा दुआओं की नौका...
कर्म ही पूजा है दिल को सबक ये रटा तय मुकाम पाने पे होगा सुकून अपार कर्म ही पूजा है दिल को सबक ये रटा तय मुकाम पाने पे होगा सुकून अपार
आसमान में इंद्रधनुष बनते देखा है, सावन को बरसते देखा है। आसमान में इंद्रधनुष बनते देखा है, सावन को बरसते देखा है।
पढ़कर भी मैं तुम्हारे सहायता कर दूंँगा यह विश्वास मैं तुम्हें दिलाना चाहता हूँ। पढ़कर भी मैं तुम्हारे सहायता कर दूंँगा यह विश्वास मैं तुम्हें दिलाना चाहता हू...
मांगा जो खुदा से"रोहित"ये जहां मैं, कुबूल ए दुआ हो तुम...... मांगा जो खुदा से"रोहित"ये जहां मैं, कुबूल ए दुआ हो तुम......
है यह श्रद्वा सुमन मेरा, है शहीद को नमन मेरा। है यह श्रद्वा सुमन मेरा, है शहीद को नमन मेरा।
कोई कहता है कि बेटा अब हाथ से निकल गया है कोई कहता है कि बेटा अब हाथ से निकल गया है