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Praveen Gola

Abstract

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Praveen Gola

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प्यारा सा कछुआ

प्यारा सा कछुआ

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नीले समुद्र में तैर रहा है,

एक छोटा प्यारा सा कछुआ,

इतना मनमोहक दृश्य देख,

ये चित्र हर किसी के मन बसया।


उसका सुनहरी कवच ऐसा लगे,

मानो वो बना हुआ है सोने का,

अपने चारों पैरों पर तैर कर,

उसने पार किया ये जग सोने का।


चारों तरफ नीले रँग की चादर बिखरी,

सबकी आँखों में ये सुन्दर छटा दिखी,

बादलों और पत्थरों का ऐसा संगम,

समुद्र के नीचे भी एक दुनिया निखरी।


इस खूबसूरत चित्र की रचयिता नाईरा जैन,

ज़िन्होने छीना हम सबके दिल का चैन,

एक बार दिल से निहार जो बंद करता पलकें,

खुलते नहीं आसानी से फिर उसके नैन।।


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