प्यारा देश
प्यारा देश
बोली भाषा अनेक
धर्म कर्म संस्कृतियां अनेक
अनेकता में एकता का प्यारा देश।।
जहाँ सुबह शाम मंदिर में
आराधन के घंटे घड़ियांले बजते
मस्जिद में आजाने होती
गुरुद्वारा में सबद कीर्तन गूंजते ।।
गंगा के निर्मल जल से
होता कोई निष्पाप वजू
करता कोई धोकर अपने हाथ।।
उत्तर में कश्मीर मुकुट
दक्षिण में कुमारी कन्या
अंतरीप खड़ा अडिग हिमालय
भारत की दृढ़ता का अभिमान।।
मौसम की तो पूछो ना बात
शरद शिशिर हेमंत बसंत
प्रेम सद्भावों का मौसम यहाँ
सदा बहार।।
हर नारी मां बहाना सी
नौ रूपों में पूजी जाती
मर्यादा ने जन्म लिया यही
आते जाते राम।।
कान्हा ने जन्म लिया
लीला अवतार निष्काम कर्म
कृष्णा का जीवन सिद्धान्त।।
अहिंशा परमो धर्म का महाबीर
बुद्ध भी भारत भूमि की
गरिमा गौरव गान।।
बीरो की तो बात निराली
राणा प्रताप शिवाजी चंद्रगुप्त
मौर्य चाणक्य इसकी आत्मा प्राण
पटेल महात्मा गांधी नेता सुभाष
ना जाने कितने पुरुषार्थ के
सूरज चाँद।।
प्यारा देश हमारा युग पथ
प्रदर्शक विश्व गुरु का गौरव
गरिमा मान।।
