STORYMIRROR

Shweta Duhan Deshwal

Romance

4  

Shweta Duhan Deshwal

Romance

प्यार

प्यार

1 min
403

वास्ता है तुम्हें प्यार का प्यार से

लग गले सुन ज़रा दास्तां प्यार से


तू न जा छोड़ कर राह में इस कदर

मर न जाऊँ कहीं बेवफ़ा प्यार से


रुह का रुह से हो रहा सामना

दास्तां कह रहा आसमां प्यार से


रात का हमसफर बन रहा आज तू

ओस की बूँद सा खो गया प्यार से


दिल कहे साथ हो तू सनम हर जनम

दे दिया दिल तुझे प्यार था प्यार से


प्यार की राह श्वेता अधर में फँसी

जान मेरी गयी हँस रहा प्यार से।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Shweta Duhan Deshwal

माँ

माँ

1 min पढ़ें

प्यार

प्यार

1 min पढ़ें

दगा

दगा

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance