STORYMIRROR

Mamta Rani

Romance

4  

Mamta Rani

Romance

प्यार की मीठी बातें

प्यार की मीठी बातें

1 min
82

प्यार की मीठी मीठी बातों से

मन को मोह ले जाते हैँ

प्रीत वफ़ा की कसमें खाकर

दिल को क्षल ये जाते हैँ


प्रेम भरे स्वप्न सजाके मन में

अपना घर कर जाते हैँ

धीरे धीरे चेहरा से पर्दा उतरता

इश्क़ का कारोबार से

कहीं का ना रहता है मन

बिखरता घर परिवार से


जिंदगी बिखर सी जाती है

सपना टूट जब जाता है

हौले हौले से जब मन को

ठोकर लगता है

तब तक हो जाती देर बहुत

इंसान दर्द जब सहता है


हर तरफ है कारोबार इश्क़ का

यहाँ पर प्रीत वफ़ा की कौन गाता है

धीरे धीरे सब फिर

फिर मुरझा जाता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance