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Dyansh Sujja

Romance

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Dyansh Sujja

Romance

प्यार ही तो था बस हो गया

प्यार ही तो था बस हो गया

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क्या करूं मैं अब

जो होना था वह हो गया

प्यार ही तो है बस हो गया

और मैं खुद को रोकता भी कैसे

जब हमसफर हो तुम्हारे जैसे

तुम्हारी क्या तारीफ करूं

मुझे खुद समझ नहीं आता

कहां से शुरू करूं और कहां से खत्म

मेरा तो इससे सिर चकरा जाता

तुम बस गई हो दिल में

या तुम में बस गया है दिल

इसे कोई और दिखता नहीं तुम्हारे सिवा

यह तो तुम्हारा नाम सुनते ही जाता है खिल

नाम तुम्हारा लेते ही दिल में ख्याल आ गया

कुछ पल कुछ पल करते

मैंने तो मेरा पूरा दिन

तुम्हारे ख्यालों में ही निकाल दिया

क्या करूं मैं अब

जो होना था वह हो गया

प्यार ही तो है बस हो गया!

हकीकत में भले ही

तुम अभी मेरे नहीं हो

पर सपनों में मैंने तुम्हें

अपना बना लिया है

जिस दिन तुम सपनों में ना आओ

उस दिन को साल से ही निकाल दिया है

तुम बन हो गई हो किस्मत मेरी

मैंने तो तुम्हें मेरा खुदा बना लिया है

दिल के बाद तुम्हें अभी तक बताए नहीं

पर फिर भी मैंने तुम्हें

मेरा हमराही बना लिया है

क्या करूं मैं अब

जो होना था वह हो गया

प्यार ही तो है बस हो गया!


तुम्हारे लिए कुछ भी करने को तैयार बैठा हूं

तुम्हारी हर ख्वाहिश खुद से पहले पूरा करना चाहता हूं

खुद के लिए बहुत जी लिया

मैं तो अब तुम्हारे लिए जीना चाहता हूं

दिल की बात बताना चाहता हूं पर डर जाता हूं

कि कहीं यह दोस्ती भी ना खो दूं

क्या करूं मैं अब

जो होना था हो गया

प्यार ही तो था बस हो गया!


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