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Akanksha Gupta (Vedantika)

Abstract

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Akanksha Gupta (Vedantika)

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पर्वतों के पार

पर्वतों के पार

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सूरज की किरणें करें अठखेलियाँ

बिखरी रोशनी पर्वतों के पार


नदियों का होता सजल उदगम

कलरव करती पर्वतों के पार


बसता है एक संघर्ष भरा जीवन

फिर भी मुस्कुराता पर्वतों के पार


पर्वत पर करे आरोहण जो मानव

ध्वज लहराए पर्वतों के पार


सूरज की किरणें करें अठखेलियाँ

बिखरी रोशनी पर्वतों के पार।


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