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Neha anahita Srivastava

Inspirational

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Neha anahita Srivastava

Inspirational

प्रेम और घृणा

प्रेम और घृणा

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"प्रेम और घृणा,

दो विपरीत शब्द,

जैसे,

दो विपरीत ध्रुव,

परन्तु,

प्रेम का उत्तर भी प्रेम है

और

घृणा का उत्तर भी प्रेम है,

सो,

तुम मुझसे घृणा करोगे

मैं तुमसे प्रेम करूँगी,

तुम और घृणा करोगे,

मैं और प्रेम करूँगी,

चुम्बक के दो विपरीत ध्रुव

जैसे आकर्षित करते हैं,

एक-दूसरे को,

घृणा,प्रेम में घुल जायेगी,

मैं प्रेम के अभेद्य आवरण,

के भीतर ,

प्रेम में मग्न,

सुरक्षित रहूँगी,

तुम प्रेम के प्रहार से बच नहीं पाओगे,

प्रेम पाश में बँध जाओगे,

तब तक,

मैं प्रतीक्षा करूँगी,

तुम घृणा करना,

मैं प्रेम करूँगी

क्योंकि प्रेम का उत्तर प्रेम है,

तो घृणा का भी एक ही उत्तर है,

"प्रेम"

सिर्फ प्रेम।"


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