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Bhawana Raizada

Abstract Romance Fantasy

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Bhawana Raizada

Abstract Romance Fantasy

फुरसत

फुरसत

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अभी फुरसत नहीं कुछ और सोचने की

व्यस्त हूँ मैं तुम्हारी यादों में।

तन्हा हूँ, दिल बेकरार है

तुम्हारे सिवा न किसी का इंतज़ार है।


अजब सी कशमकश में उलझी है जिंदगी

घायल हुआ एक दीदार में

अभी फुरसत नहीं कुछ और देखने की

देखता हूँ बस तुम्हें सपनों में


न नींद आती है रातों को मुझे

न चैन दिल का मंज़ूर मुझे

एक बार जो चल दो साथ मेरे तुम

डाल हाथों को हाथ में।


अभी कहीं जाने की फुरसत नहीं

मुझे बैठना तुम्हारे पहलुओं में।


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