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Pradeep Sharma

Romance

4  

Pradeep Sharma

Romance

फना

फना

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फना मोहब्बत हुई फना सब राज हुए

दिल टूटने के बाद फना जज़्बात हुए

अब नहीं बसता वो इस दिल ए मका में

अरसा हो गया इसे आज शमशान हुए

अजीब है ज़माने का दस्तूर साहिब यहां

मोहब्बत के आगे अच्छे अच्छे बर्बाद हुए

देख रहा है तमशा वो तमाशबीन बनकर

हमें बर्बाद करके वो भी कहां आबाद हुए।



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