STORYMIRROR

Pradeep Sharma

Romance

3  

Pradeep Sharma

Romance

डूबा रहता हूं

डूबा रहता हूं

1 min
219

देख कर तेरी तस्वीर को, दिल बेहला लेता हूं

हर वक्त याद में, तेरी बेदर्दी मैं डूबा रहता हूं


तुमने तो कह दिया, कोई हक नहीं तुम पर मेरा

आज भी मैं रोज़, तेरे इंतज़ार में तन्हा रहता हूं


जानता हूं मैं, की याद तुम्हे भी आती होगी मेरी

यूं ही दिन रात मैं तेरे, ख्यालों में खोया रहता हूं.



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance