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पढ़ाई

पढ़ाई

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इतनी मोटी मोटी किताबें पढ़ना

क्यों है जरूरी ?

शैतानी और शरारत छोड़ के स्कूल जाना

क्यों बन गई है मजबूरी ?


सायंस और हिस्ट्री को

कोई तो दूर हटाओ,

मैथ्स और इंग्लिश की मिल कर

आज तो बैंड बजाओ।


यही सब मैं सोचा करती थी

जब पढ़ाई नहीं थी करनी,

आखिर पढ़ने मे रखा क्या है,

इतनी मेहनत क्यों करनी।


जब मेरे पापा ने जाना

पढ़ाई से मैं चिढ़ती हूँ,

पास बिठा कर मुझे समझाया,

पढ़ाई जरूरी है जीवन में।


आखिर इतना क्यों डरती हूँ ?

थोड़ा सा प्यार किताबों से कर लो,

हर सब्जेक्ट दोस्त हो जायेगी,

बस थोड़ा सा ध्यान से पढ़ो तो,

सब कुछ समझ आएगा।


मस्ती और शरारत जीवन में

बच्चों को करनी चाहिये,

शर्त इतनी है पढ़ाई भी हो,

रफ़्तार बढ़नी चाहिए।।


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