vartika agrawal
Classics
वृक्ष लता अरु डाली- डाली,
हर क्षण ही तो कुछ कहती है।
मेघालय वे भू बन जाए,
जिस मिट्टी साँसें रहती है।
पौधों को तुम जीवन देना,
पृथ्वी को जीवन यह देते।
मेघ-पुष्प, थल, फल सब इनसे,
प्राणवायु भी हँस बहती है।
सुरसरिता
वतन
कुंडलियां
गीतिका
सरयू नदी
अवधपुरी
चले हैं
वृंदा
अलविदा
शब्दों के जाद...
ये सुनकर भी मुस्कुराती है और अपने बलबूते में घर को स्वर्ग वही बनाती है। ये सुनकर भी मुस्कुराती है और अपने बलबूते में घर को स्वर्ग वही बनाती है।
एक विनम्र खेद, मेरी अद्भुत बेटी के लिए। तुम्हारे प्यार करने वाले पिता एक विनम्र खेद, मेरी अद्भुत बेटी के लिए। तुम्हारे प्यार करने वाले पिता
माँ आरम्भ है माँ सृजन माँ को प्रतिपल नमन है। माँ आरम्भ है माँ सृजन माँ को प्रतिपल नमन है।
जीते जी मां, ममता का कर्ज चुकाती है मरते-मरते भी दुआ जीने की दे जाती है। जीते जी मां, ममता का कर्ज चुकाती है मरते-मरते भी दुआ जीने की दे जाती है।
तभी जान पाओगे क्या चाहती है तुम्हारी माँ तुमसे। तभी जान पाओगे क्या चाहती है तुम्हारी माँ तुमसे।
एक अरसा गुजर गया खुद से बात किए, जानें कहां चली गई मेरी खामोशियां। एक अरसा गुजर गया खुद से बात किए, जानें कहां चली गई मेरी खामोशियां।
अपने आप पर विश्वास कर अपना रास्ता अपने हाथ से लिख। अपने आप पर विश्वास कर अपना रास्ता अपने हाथ से लिख।
आँचल दुलारे के सिर रखती हो माँ, तुम कितना सहती हो आँचल दुलारे के सिर रखती हो माँ, तुम कितना सहती हो
तू मेरी हर्ष है माँ, तू ही सर्वस्व है माँ माँ तू ही सर्वस्व है। तू मेरी हर्ष है माँ, तू ही सर्वस्व है माँ माँ तू ही सर्वस्व है।
राहें मुश्किल दृढ़संकल्पी हमें बनाती, खूबसूरत मंजिल हमें दिखती हैं। राहें मुश्किल दृढ़संकल्पी हमें बनाती, खूबसूरत मंजिल हमें दिखती हैं।
आजा सांई आजा बाबा हम गये हैं हिम्मत हार बीच भंवर में फंस गई नैया लगा दे इसको पार। आजा सांई आजा बाबा हम गये हैं हिम्मत हार बीच भंवर में फंस गई नैया लगा दे इसको ...
इससे बढ़कर तोह्फा और होगा भी क्या, मेरी माँ बनकर मुझे जो दिया मेरी माँ ने ! इससे बढ़कर तोह्फा और होगा भी क्या, मेरी माँ बनकर मुझे जो दिया मेरी माँ ने !
मैं अभिलाषी, तू मृदु भाषी तेरा स्वर, मदमय, सुरभाषी, मैं अभिलाषी, तू मृदु भाषी तेरा स्वर, मदमय, सुरभाषी,
याद आती है मुझे भी माँ की दिन रात अब वो हक़ीक़त में कहां सपनो में आती है। याद आती है मुझे भी माँ की दिन रात अब वो हक़ीक़त में कहां सपनो में आती है।
मां तो आख़िरकार मां होती है ख़ुदा से कम वो कहां होती है। मां तो आख़िरकार मां होती है ख़ुदा से कम वो कहां होती है।
मुझमें जीवन जीने की इच्छा रह गई अभी बाकी हैं मुझमें जीवन जीने की इच्छा रह गई अभी बाकी हैं
सर पे छाया ही है माता-किरदार बहुत घनत्व^.( गहरा ) कवर है सर पे छाया ही है माता-किरदार बहुत घनत्व^.( गहरा ) कवर है
विनती हर जन्म बने मेरी माँ वह है माँ... विनती हर जन्म बने मेरी माँ वह है माँ...
तो चाह तो नहीं रहती, ना रहता तेरा इंतज़ार और ना रहती मेरी पल पल की खुशी उदास। तो चाह तो नहीं रहती, ना रहता तेरा इंतज़ार और ना रहती मेरी पल पल की खुशी उदास।
वहीं दुःख भंजन, परम् सुखराशि बन रे मन राम चरन अनुरागी। वहीं दुःख भंजन, परम् सुखराशि बन रे मन राम चरन अनुरागी।