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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

4  

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

"पापा"

"पापा"

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1)

सिर पर रखकर हाथ, साथ पग पग पर देते।

पापा   पालनहार, दुखों को वो हर लेते।

पापा उँगली थाम, सही राह पर ले जाते।

सच्चे  खेवनहार, घोड़ा  बनकर  घुमाते।


2)

गरमी में जो छांव, धूप लगते सरदी में।

सागर में जो नाव, लगे फौजी वरदी में।

दुख में थामे हाथ, साथ हर हाल निभाते।

पापा पालनहार, प्यार ही प्यार लुटाते।


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