STORYMIRROR

sushil pandey

Abstract

4  

sushil pandey

Abstract

पापा

पापा

1 min
224

कहने को सारा जहान हैं पापा

उड़ सकूं तो आसमान हैं पापा  


बच्चो की नन्ही सी जान हैं पापा

अटल रहें वो ईमान हैं पापा  


अडिग अजेय श्रीमान हैं पापा

मेरे तो खिलौने की दुकान हैं पापा  


मेरे लिए महान हैं पापा 

मानो तो दुनिया और ब्रह्मांड हैं पापा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract