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Sucheta Suresh Wankhade

Tragedy

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Sucheta Suresh Wankhade

Tragedy

पापा ऐसे क्यूं होते हैं

पापा ऐसे क्यूं होते हैं

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पता नही यार पापा ऐसे क्यूं होते हैं

खुद के लिए जीना छोड़कर 

हमारा लिए जीते हैं

हमारे लिए ही हंसते हैं

हमारे लिए ही रोते हैं

पता नहीं यार पापा ऐसे क्यूं होते हैं

डांटते भी हम ही को है 

और प्यार भी हम ही से करते हैं

कभी हमारे पिज्जा,बर्गर और पाव भाजी

के शौक पूरे करके खुद कभी भूखे ही सो जाते हैं 

पता नहीं यार पापा ऐसे क्यूं होते हैं

खुद कभी फटी चप्पल पहनकर

हमे नया जूता दिलाते हैं

पता नही यार पापा ऐसे क्यूं होते हैं

पता नहीं यार पापा ऐसे क्यूं होते हैं।

 


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