न्याय का दीपक
न्याय का दीपक
न्याय का दीपक जीवन में सदैव जलते रहना चाहिए।
अन्याय के विरुद्ध ऐसा प्रकाश होते रहना चाहिए।।
न्याय को व्यवस्थित रखना परमावश्यक।
कोई छीन न ले हमसे हमारा यह हक।।
अन्याय को सहते-सहते गए अब थक।
नासमझों को समझ नहीं आया अभी तक।।
न्याय कभी नहीं करता आपसी भेदभाव।
बुराइयों पर दिखता है अच्छाइयों का चाव।।
इंसान को बदल लेना चाहिए बुरा स्वभाव।
प्रेम का ही होना चाहिए सब ओर फैलाव।।
मर्यादा बनाए रखने में न्याय की होती है व्यवस्था।
न्याय की उचित राह पर चलने की है हर अवस्था।।
सच्चाई सभी को समझ आती है आहिस्ता-आहिस्ता।
न्याय रूपी फूलों के समान सदा भरा रहे गुलदस्ता।।
अंत में उम्मीद करती हूँ कि न्याय का होगा बोलबाला।
अन्याय करने वालों के मुंह पर लगेगा अवश्य ताला।।
न्यायोचित करने वाले ही बंद करेंगे सब ओर घोटाला।
अत्याचारियों का पड़ गया है न्याय करने वालों से पाला।।
