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KAVY KUSUM SAHITYA

Abstract

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KAVY KUSUM SAHITYA

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नव सम्वत्सर

नव सम्वत्सर

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मकर राशि उत्तरायण का शौर्य सूर्य,

युग की नव चेतना जागरण का अंदाज़,           

शरत ऋतु शैने शैने सुबह शाम क़ि दस्तक,

जाते जाते रंग बसंती जीवंत जीवन का 

उत्साह शरत का सत्यार्थ बसन्त का अभिनंदन अभिमान !


माँ वीणा वादिनी कि आराधना वंदन से

शुभ मंगल आगमन सत्कार,

ब्रह्म मुहूर्त में कोयल की मधुर ताल तान,

प्रकृति के स्वर संगीत का मधुर स्वर साज !      


बासंती बयार यार प्यार का संबाद मानव मानवता कि हस्ती,

मस्ती खुशियों की दस्तक का नियत समय काल,

बासंती बयारों में पेड़ पौधों की झूमती डालियों से

गिरते पत्ते युग में नव जीवन की ऊर्जा का संचार,   

तरुण, युवा बोध भाव आम के मंजरी की खुसबू 

ख़ास बाग़ बाग्वा के बहारों का बाग़ !!


खेतो में हरियाली झूमती बाली खुशहाली की सरसों के पीले फूल,

गांव किसान के आशाओ की अवनि आकाश,

सुबह सूरज की लाली ख़ास जीवन में नव उल्लास का संचार डाली पर,

नव कोपल किसलय नव जीवन प्रभा प्रवाह।   


हर कोपल किसलय फूल पर मधुमख्खी,

भौरों की शान भौरों का रात की कली सुबह के फूल इंतज़ार,         

प्रेम गान शहद की मिठास की तलाश मधुमखी बेपरवाह पराग का प्रेम पास,

धरा धन्य धान्य के विश्वाश का अभिमान,

प्रकृति शिखरतम सत्यम शिवम् सुंदरम का वरदान। 


पृथ्वी दुल्हन सी सजी सवरी स्वर्ग का शाश्वत मर्यादा मान,

नव संवत्सर आशाओ विश्वाश का पल,

उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं !!         


उत्साह उमंग रंग में वसंत ध्यान, ज्ञान, कर्म, धर्म ,बैराग्य, मूल्य, मर्म राग सुनाये,

नव सम्बत्सर आशाओं विश्वाश का पल प्रहर दिन रात,

उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं ।।       


उत्कर्ष, हर्ष, दुःख, दर्द के बीते पल यादों के संग कदम बढ़ाएं,

चलों श्रेष्ठ जीवन का एक नव सम्बत्सर मनाये बनाये,

घृणा, द्वेष का त्याग अमन प्रेम की निर्मल निर्झर धारा का धरा पर का सन्देश  जगाएं,

नव संवत्सर आशाओं विश्वाश का पल उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं !!    


साहस, शक्ति का युग युवा मानवता के पग पग पथ प्रकाश में दीप जलाएं,

नवसंवत्सर आशाओ विश्वाश का पल उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं,

नव सम्वत सर का अभिनन्दन धर्म ,कर्म के जीवन मूल्यों संकल्प का युग में विश्वाश जगाएं,

नव सम्बत्सर आशाओ विश्वाश का पल उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं !             


धन ,धान्य किसान ,मजदूर अभिमान गावँ देश शक्ति की भक्ति,

माँ के स्नेह वरदान का प्रवाह अनमोल माँ की जागृति जागरण ध्यान लगाएं,

नवसम्बत्सर में आशाओ विश्वाश का पल उमंग चाह प्रसंग नए सुबह का अलख जगाएं !


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