STORYMIRROR

Yashwant Nagesh

Abstract

3  

Yashwant Nagesh

Abstract

नशा मत करना

नशा मत करना

1 min
273

नशा हमें भी है दोस्तों,

तुम्हें शराब का है,

तो हमें सबके जज़्बात का।


धुआं हम भी उड़ाते हैं,

तुम सिगरेट का हो,

तो हम अपने पापी पेट का।


पैसे हम भी खर्च करते हैं,

तुम मेखाने में करते हो,

तो हम तुम्हारी जिंदगी बनाने में।


फ़िक्र हमें भी बहुत है,

तुम बेफिक्री का

आलम तलाशते फिरते हो,

हम लापरवाही से बचने का।


दुख दर्द हमें भी बहुत है,

तुम उसको दबाना जानते हो,

और हम उससे उबारना ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract