STORYMIRROR

Dipika Khaitan

Romance

4  

Dipika Khaitan

Romance

नजरअंदाज

नजरअंदाज

1 min
275

तुम्हारा यू नजरअंदाज करना

और मेरा तुम्हारे लिये यू आहे भरना 

कंही खुदा की कोई साजिश तो नही।


तुम्हारा याद नहीं करना

और मेरा नहींं भूल पाना

 कहींं खुदा की कोई साजिश तो नहीं।


तुम्हारा हर बार मेरी हैसियत पूछना

और मेरा तुम्हारी खैरियत की दुआ मांगना 

कही खुद की कोई साजिश तो नहीं।


जरूर खुदा की तुम्हें मुझसे दूर करने की

साजिश ही होगी वो भी जलता होगा हमसे

पहले तो तुम ऐसे नहींं थे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance