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Devaram Bishnoi

Inspirational

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Devaram Bishnoi

Inspirational

"निष्पक्ष"

"निष्पक्ष"

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बिना मतलब कि ना तो किसी कि बुराई पसंद है!

और ना ही किसी कि फालतू प्रसंशा करना पसंद है!

हमें तो सिर्फ दुनियां कि सच्चाई पसंद है!

तुम कुछ लोग हमेशा कोई पक्ष कोई विपक्ष

बनें सदैव सच्चाई झुठलाने मेंं लगे रहते हो!

हमें तो तुम्हारा यह पक्षपाती व्यवहार

एकदम ही नापंसद है!

दुनियां मेंं हर धर्म मजहब मेेंं सच्चाई 

सर्वोतम है!

फिर यह तुम्हारे दोगले व्यवहार का क्या मतलब है?

तुम लोग तो वास्तव मेंंआस्तिक हों!

तो फिर यह नास्तिक

विचारधारा किसलिए रख रहे हों!

मजहब धर्म को क्यूँ बदनाम करने पर तुले हुुुए हो!

चलोंअब हम सब जियोऔर जीने दो!

अहिंंसा का सर्वोतम सिद्धांत अपना लेते हैं!

आओ मिलकर हम सब धरती को स्वर्ग बनातेे हैं!

सामाजिक भाईचारा इंंसानियत जिंंदा रहनी चाहिए!

यह शुभ संदेश संसार के जन जन तक पहुंंचाते हैं!

चलों मिलकर भारत को पुनः फिर से

विश्व गुरु बनाते हैं!

चलों मिलकर लोगों को निष्पक्षता का पाठ पढ़ातेंं हैं!

जय हिन्द



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