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Umesh Shukla

Inspirational

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Umesh Shukla

Inspirational

नेह की डोर

नेह की डोर

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सदा प्रबल ही बनी रहे नेह

की डोर इत ऊत चहुं ओर

संबंधों में गर्मी और ऊर्जा

कायम रहे बिना किसी शोर

सदा सर्वदा काम आ सकूं

मैं अपनों के हित में काम

सतत फलता औ फूलता रहे 

जनमानस में कुल का नाम

नववर्ष की उज्ज्वल किरणों

से मिले मन को ऊर्जा अनंत

सुकर्मों की सुगंध से महकती

रहे सकल फिजा दिग दिगंत



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