STORYMIRROR

Umesh Shukla

Inspirational

3  

Umesh Shukla

Inspirational

नेह की डोर

नेह की डोर

1 min
174

सदा प्रबल ही बनी रहे नेह

की डोर इत ऊत चहुं ओर

संबंधों में गर्मी और ऊर्जा

कायम रहे बिना किसी शोर

सदा सर्वदा काम आ सकूं

मैं अपनों के हित में काम

सतत फलता औ फूलता रहे 

जनमानस में कुल का नाम

नववर्ष की उज्ज्वल किरणों

से मिले मन को ऊर्जा अनंत

सुकर्मों की सुगंध से महकती

रहे सकल फिजा दिग दिगंत



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational