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Sukanya Mondal

Tragedy Inspirational

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Sukanya Mondal

Tragedy Inspirational

नारीवाद

नारीवाद

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लोग अक्सर स्त्रियों कि अधिकारों के बात करते हैं..!!

मगर उनके अधिकार या उनका प्राप्य सम्मान दे कितना जान पाते हैं ??

एक तरफ उनके अधिकारों को लेकर बोलते हैं जो लोग,

फिर क्यूं उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हैं वही लोग ???

एक तरफ भारतीय संस्कृति के हिंदू धर्म में

शक्ति रूप देवी दुर्गा को पूजा जाता हैं,

क्यूं ..!! फिर दूसरी और बलात्कार जैसे घिनौनी हरकतें

अभी भी स्थगित किया गया नहीं है ?? 

एक और जहां दाबी किया जाता है स्त्रियों के सम्मान रक्षण की !!

फिर क्यूं दूसरी और हर बार छेरछाड़ होता है उन्हीं सम्मानों के साथ ??? 

हमारा ये समाज भी कितना अजीब है ना ..

एक और बात करते हैं नारी जागरूकता की !!

फिर क्यूं मज़ाक बनाया जाता एक लड़की के पीरियड्स का !!?

क्यूं शर्माते है ये लोग सबके सामने इस बात में चर्चा करने से ??? 


पीरियड्स में हर महीने एक लड़की को कितना दर्द सहना पड़ता है

ये शायद ही कोई जानता हो !!

उस वक्त उसे हम सबकी सबसे ज्यादा सहयोग चाहिए होता है,

मगर सहयोग की जगह उस वक्त भी क्यूं धिक्कार -अपमान -

क्यूं मजाक बनाया जाता है सहायता कि बजाये हम लड़कियों को??? 


हमारा मजाक सबके सामने बनाते है जो लोग !! 

क्यूं भूल जाते है कि आये है उस रक्त में बहकर ही वही लोग ।। 


लोगों की सोच जिस दिन बदलेगी,

उस दिन हम लड़कियों को अपना अधिकार और प्राप्य सम्मान मिल पायेगा।। ।। 



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