जिंदगी-एक लफ्ज़
जिंदगी-एक लफ्ज़
ये ही तो जिंदगी है,
यह अकेला का ही सफर जारी है
लोक क्या कहेंगे
ये सोचेंगे तो कभी आगे बार ही ना पायेंगे।
इसिलिए सफर है अकेला का,
लेकिन हैं साथ उसमे कुछ बहुत खास किमती लोगो का ।।
जो हमारे दिल से कदर करते है
वो हमारा हाथ यूँ बीच सड़कों पर कभी ना छोड़ेंगे
लेकिन कुछ लोग है
जो कुछ वक्त के लिए आयेगें फिर बीच सड़कों पर छोड़ ही देंगे,
मगर जो सच में आपने है
वो हमेशा के ठहर ही जायेगें।
