हमारा देश ओर उसके इतिहास
हमारा देश ओर उसके इतिहास
तिन रंगों में रंग दिया हमने आज ये तिरंगा है सबसे पयारा,
ना जाने कितने बलिदान देकर हमारे इस देश ने अपना स्वाधीनता हसील किया
हिन्दु- मुस्लमान, बौद्ध-क्रिस्चियन इत्यादि के साथ सभी धर्मों को आपना बनाया,
क्यूंकी हां एसा है ये हिन्दुस्तान हमारा।
आपने जान से खेलकर रक्षा करते है बोर्डर मे जो हमारी,
रातो की निंद ओर चैन की शास कभी
एक नही कर पते वोह क्यूंकी उनके कंधे पर भारत मा ने दी जो है
पूरे भारतवर्ष के लोगो के सुरक्षा के इतनी बड़ी जिम्मेदारी,
इसलिए तो कहते है उन्हे अमर बिर फौजी ।
इस देश के जल-बायू, आकाश- पृथ्वी ने कण कण मे बसाई है इतिहास ओर संस्कृति,
लिओनार्दो दा विंची जैसे बहोत ने रचा है इतिहास लेकर अपनी चित्र की कलाकृति
लेकिन आज भी कुछ जगह एसा भी है जाहा अबतक कला को मिला नहीं है
उसका प्रप्य सम्मान और स्वीकृति।
आगर बात करू इस देश के इतिहास के जल ओर भूमि की,
तो हरयाना मे उपस्थित ज्योतिशार वोह जगह है कुरुक्षेत्र की
जहा से पृथ्वी को मिला ग्यान श्रीकृष्ण के द्वारा भगवत गीता की,
जो आरम्भ था एक नई युग द्वापर से कलियुग के प्रारम्भ की।
कुरुक्षेत्र की भूमि सिर्फ भूमि ही नही वोह एक श्रेत्र है
जहां अधर्म के उपर धर्म ने अपनी बिजय पायी थी,
वोह श्रेत्र है पुनर् धर्म स्थापना की
विश्व के एसा श्रेत्र जहा महान महारथीओ जैसे गंगा पुत्र भीष्म पितामह ने
बानसाईया मे धर्म के लिए उत्तरायन के पाबन अपसर पर अपना प्रान त्याग दी थी।
इस देश के जल ने भी अपनी अलग इतिहास रचाई है,
मा गंगा गंगोत्री होकर नुरी- पत्थरो को कुचलकर दुनिया को एक अलग ही सिख दी है
अपने पुत्र भीष्म को कुरूक्षेत्र के भूमि मे मृतयु से लड़ते देख उन्होंने ही तो
सानतुनू पुत्र भीष्म पितामह को सरनागती दी थी,
क्युंकि एक माँ कभी भी अपने बच्चो को दूख मे
देख ही नहीं सकती है
इसलिए तो उन्हे जगत माताः गंगा कहलाया जाता है ,
विश्व का सबसे बरा धर्मयुद्ध सूरु होने से पहले श्रीकृष्ण ने
जिस जल मे डुबकी लगाई थी उसे ब्रह्म सरोवर के साथ
ब्रह्मकूडं के नाम से आज भी जना जाता है।
जल-बायू, आकाश- पृथ्वी, अग्नि के इलाबा भी नृत्य ने
अपनी कला से सबको प्राचीन काल से मोहित करती आयी है,
समुद्रमंथन मे श्रीकृष्ण स्वरूप मोहिनी ने भी तो अमृत कलश दानवों से
मोहित करके छिनकर देवताउ के पास लायी थी एसा ऐतिहासिक कथाउ मे कहा गया है।
आजके कलीयूग मे नृत्य को एक अलग ही नाम दिया गया है,
जैसे बगांल का गम्भीरा, तमिल नाडू का भरतनाट्यम, सिक्किम का छाऊ,
केराला का कत्थकाली, गुजरात का गरबा इत्यादि जैसे ओर भी
नृत्य के लिए हमारा देश हर जगह प्रसिद्ध है।
ये हमारा हिन्दुस्तान है,
याहा जल-बायू, आकाश- पृथ्वी, अग्नि को छोर नृत्य-संगीत,
चित्र ओर बाकि कलाओ ने कण कण मे अपना इतिहास ओर
संस्कृति को बेहतरीन तरीके से परिभाषित कि है,
जो सबको अपना ले हां ये हमारा प्यारा देश हिन्दुस्तान है।।
