STORYMIRROR

Anjali Pundir

Inspirational

3  

Anjali Pundir

Inspirational

नारी

नारी

1 min
242

सदियों से

निस्सीम व्योम 

छूूने की ललक 

उकसाती थी उसको

पा लेना चाहती थी

वो अनंत व्योम सीमाएँँ

ज्योंं ही मिली परवाज़

 पंखों को उसके 

भरी उड़ान


विश्व-गगन की हर दिशा में

तैर चली

वायुु-लहरों पर

छूने उपलब्धियों के

नए क्षितिज

यह उसीके

समर्पण की विजय कहानी है


आज हर क्षेत्र में

सबसे आगे नारी है

अपनी प्रतिभा से

पड़ रही वह

साथी मर्दों पर भारी है

सुुनहरे क्षितिज पर

हस्ताक्षर की

उसकी पूरी तैयारी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational