ranjeet gaikwad
Tragedy
ना जाने क्यों टूटा हुं मैं
सारी दुनिया से रूठा हुं मैं
दिल सच्चा है, लेकिन ज़माने के लिए झूठा हुं मैं
आज फिरसे गीरकर अपने पैरों पर उठा हुं मैं
ना जाने
मैं उन्हें सिर्फ टुकुर टुकुर ताकता रह जाता हूँ। मैं उन्हें सिर्फ टुकुर टुकुर ताकता रह जाता हूँ।
बरसात हुई ऐसी टूट कर , हो गया था सब इधर उधर, हर तरफ था पानी पानी बस, सिरों पे नहीं था छत , जिंदगी मे... बरसात हुई ऐसी टूट कर , हो गया था सब इधर उधर, हर तरफ था पानी पानी बस, सिरों पे नह...
मेरे गर्भ में प्रेम-पला था कहना सरल है किन्तु अब कैसे प्रेम चिता को अग्नि दे पाएँ सखी तुम्ह... मेरे गर्भ में प्रेम-पला था कहना सरल है किन्तु अब कैसे प्रेम चिता को अग्नि ...
बिछड़ के तू भी तो, हमसे तन्हा ही रहा…बरसों बाद मिले थे हम, मिल के दोनो ही रोते चले गये बिछड़ के तू भी तो, हमसे तन्हा ही रहा…बरसों बाद मिले थे हम, मिल के दोनो ही रोते च...
प्रपंच के जाल बुनेंगे नफरत की गज़ले पढ़ेंगे खौफ की किताब गढ़ेंगे हम क्या लिखेंगे प्रपंच के जाल बुनेंगे नफरत की गज़ले पढ़ेंगे खौफ की किताब गढ़ेंगे हम क्य...
माँ की लोरी, बाप का कंधा रूठा मुझसे बचपन है। भंवर में है अभिलाषाएँ मेरी। ईश्वर के लिये सब स... माँ की लोरी, बाप का कंधा रूठा मुझसे बचपन है। भंवर में है अभिलाषाएँ मेरी। ...
कितनी कोशिश करती हूं फिर भी बस तुम्हारी कमी महसूस होती हैं ये कैसा अदभुत सा खेल हैं जीवन का मा... कितनी कोशिश करती हूं फिर भी बस तुम्हारी कमी महसूस होती हैं ये कैसा अदभुत स...
बदनामी काले कोट में जिरह करेगी रिश्वत की किताब की कसम खानी होगी क्यों रहा मैं सच्चा, ईमानदार... बदनामी काले कोट में जिरह करेगी रिश्वत की किताब की कसम खानी होगी क्यों रह...
कागज़ की पाती हूं फ़िर भी कई परिवारों को मैंने पाला, उन परिवारों की ख़ुशियों को क्यों तुमने यूं क... कागज़ की पाती हूं फ़िर भी कई परिवारों को मैंने पाला, उन परिवारों की ख़ुशियों ...
छोटे कपड़े और गलत समय, का दोष मेरा होता, छः महीने की नवजात बच्ची से भी फिर ये दानव क्यों खेलता। छोटे कपड़े और गलत समय, का दोष मेरा होता, छः महीने की नवजात बच्ची से भी फिर ये...
सब ताने उनको कस जाते पर कभी ना हमको धिक्कारा, और बड़े आज हम हो कर के उनको शर्मिंदा करते हैं। सब ताने उनको कस जाते पर कभी ना हमको धिक्कारा, और बड़े आज हम हो कर के उनक...
वो इन्सान ही है जो काटता है पेड़, दूषित करता है जल, बिगाड़ता है प्रकृति का संतुलन फिर खुद ही भोगता भी ... वो इन्सान ही है जो काटता है पेड़, दूषित करता है जल, बिगाड़ता है प्रकृति का संतुलन ...
कहाँ पायल की वो रुनझुन, कहाँ गीतों की गुनगुन। कहाँ वो चूड़ियाँ खोईं, मधुर खनखन कहाँ है? कहाँ पायल की वो रुनझुन, कहाँ गीतों की गुनगुन। कहाँ वो चूड़ियाँ खोईं, मधुर खनख...
विश्वनाथ मंदिर है हृदय, और ये सँकरी गलियाँ, धमनियाँ और शिराएँ हैं, जो आकर मिलती हैं, सब ... विश्वनाथ मंदिर है हृदय, और ये सँकरी गलियाँ, धमनियाँ और शिराएँ हैं, जो आ...
वो चली गई मुझे छोड़कर उसी तरह जिस तरह चला जाता है कोई अपना पुस्तैनी मकान छोड़कर। वो चली गई मुझे छोड़कर उसी तरह जिस तरह चला जाता है कोई अपना पुस्तैनी मका...
तूने भी तो वक़्त के साथ मिलकर क्या हसीं सितम दिखाया, बचपन में स्नेह की वर्षा की, पर जवानी ... तूने भी तो वक़्त के साथ मिलकर क्या हसीं सितम दिखाया, बचपन में स्नेह की वर्...
आजकल इस दुनिया में झूठ को सच होकर हँसते और गरीब के सच को रोते देखा है। आजकल इस दुनिया में झूठ को सच होकर हँसते और गरीब के सच को रोते देखा है।
मैं लिखूंगी प्यार उस दिन जिस दिन बंजर हो जाएगी धरती अन्न पैदा नहीं होंगे सर ऊँचा कर ख... मैं लिखूंगी प्यार उस दिन जिस दिन बंजर हो जाएगी धरती अन्न पैदा नहीं ह...
पर दुःख इस बात का है की उन करोड़ो लोगो के अन्दर तुम कहीं नहीं थी , क्योंकि तुम विराट कोहली... पर दुःख इस बात का है की उन करोड़ो लोगो के अन्दर तुम कहीं नहीं थी , क्य...
मासूम है निरपराध है फिर भी रोज़ सजा पाती है अपने मन की बातें बताने को सदैव आतुर पर... मासूम है निरपराध है फिर भी रोज़ सजा पाती है अपने मन की बातें बतान...