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ranjeet gaikwad

Tragedy

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ranjeet gaikwad

Tragedy

ना जाने

ना जाने

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ना जाने क्यों टूटा हुं मैं

सारी दुनिया से रूठा हुं मैं


दिल सच्चा है, लेकिन ज़माने के लिए झूठा हुं मैं

आज फिरसे गीरकर अपने पैरों पर उठा हुं मैं


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