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Dr. Natasha Kushwaha

Abstract Tragedy

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Dr. Natasha Kushwaha

Abstract Tragedy

कलमकार

कलमकार

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जीवन में होता है विकास

तब घटित होता है कुछ खास


विवेक शांति दया परोपकार

जीवन में करें विकास साथ - साथ


करो जीवन में कुछ खास

प्रभु की आंखों में दिखे विकास


आओ चलो पुण्य कमाए

जीवन में बुद्धि का विकास पाएं


बनाए विकास को सूचक उन्नति का

नापे जीवन विकास उन्नति का


भौतिक विद बने हम आज

देखें प्रकृति का विकास हम आज


विकास होता है प्रकृति का आज

प्रेरणा लें इससे कुछ खास आज


लाती है कोशिश पैगाम आज

विकास के चरण होते हैं कुछ खास


एक विश्व एक नारा

जीवन में हो विकास हमारा



साहित्याला गुण द्या
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