STORYMIRROR

Dr Narendra Kumar Patel

Abstract Romance

4  

Dr Narendra Kumar Patel

Abstract Romance

मुस्कुराने का है वादा

मुस्कुराने का है वादा

1 min
164

मुस्कुराने का है वादा....मुस्कुराते रहेंगे। 

हम गीत ग़ज़ल बनके...गुनगुनाते रहेंगे।। 


गर्दिशों की बारिश .....हजार जख़्म दो। 

हम अपने दर्द तुमसे.......छुपाते रहेंगे।। 


सिकवा या सिकायत....कभी न करेंगे। 

मोहब्बत का हर फर्ज.....निभाते रहेंगे।।


मरना है सभी को.........हम भी मरेंगे। 

हाँ मगर होंठ से.......मुस्कुराते रहेंगे।। 


'साहिल' तेरे डगर ...जब अंधेरे मिलेगें। 

हम जुगनू बनके ......राह दिखाते रहेंगे।।           


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract