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Pawanesh Thakurathi

Abstract

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Pawanesh Thakurathi

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मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए

मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए

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नहीं बेफिजूल तनाव लीजिए, 

मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए। 


जिंदगी आज है पर कल नहीं होगी, 

श्वासों की आवाजाही हर पल नहीं होगी। 

इसलिए खुशी का इजहार कीजिए। 

मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए।। 


प्रीत की दुनिया सबसे हसीन है, 

सुबह के सूरज-सी नित नवीन है। 

इसलिए नफरतों का तिरस्कार कीजिए।

मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए।। 


अज्ञानता अंधेरे में हमें धकेलती है

हमारे मन-जीवन से खेलती है

इसलिए ज्ञान से खुद का श्रृंगार कीजिए।

मुस्कुराकर सबसे बात कीजिए।। 



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