STORYMIRROR

Megha Rathi

Inspirational

2  

Megha Rathi

Inspirational

मुक्तक

मुक्तक

1 min
182

वो अभी नींद में है शब ढलेगी जागेगा

आज रूठा हो भले वक़्त मेरा आएगा

रोज़ हाथों की लकीरें ये बदल जाती हैं

कल जिसे खोया उसे वक़्त यहीं लाएगा


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational