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मुझे सब्र है

मुझे सब्र है

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किसी महफ़िल की शान न सही,

किसी की तन्हाई का साथी हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी रईस की जागीर न सही,

किसी गरीब की दौलत हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी के चेहरे की मुस्कान न सही,

किसी के आँसुओं का बाँध हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी के प्यार का हासिल ना सही,

किसी के प्यार को बेकरार हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी से वफ़ा की कसमें नहीं खाता,

किसी से बेवफा भी नहीं,

मुझे सब्र है।


किसी की दुआओं में शामिल न सही,

बद्दुआओं से दूर हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी के फैसलों में हक़दार न सही,

अपने फैसलों का मालिक हूँ,

मुझे सब्र है।


किसी तूफान को रोकने की ताकत न सही मुझमें,

अपने शिकारे का कप्तान हूँ,

मुझे सब्र है।


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