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Ervivek kumar Maurya

Romance

3  

Ervivek kumar Maurya

Romance

मुझे जाने दो

मुझे जाने दो

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उनसे कहता हूँ मुझे आज जाने दो

दिल के जख्मों की दवा लाने दो

कुछ नही याद जब तुमको ए हमनशी

मेरी यादों को फिर भुला जाने दो

चल रहा हूँ खुद अकेला सनम

मुझको ख़ामोशी को अपना बनाने दो

झुकना मुझको बेमतलब गवारा नही

फिर चाहे सर भी कट जाने दो

इश्क की इंतेहा 'हेमू' ने आज कर दी

फिर इश्क में हद से गुजर जाने दो!


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