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आकांक्षा राजीव

Inspirational

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आकांक्षा राजीव

Inspirational

मुझे छूना है आसमान

मुझे छूना है आसमान

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मेरे पंखों में जान बाकी है कुछ

अभी तो थोड़ा सा पंखों को फैलाया

है उड़ने के लिये

अभी तो पूरा आसमान देखना है


हूँ मैं एक लड़की तो क्या हुआ

मुझे आसमान छूना है

देखती हूँ अक्सर लाचार खुद को

फिर भी हौसला अभी बाकी है

अब आसमान बाकी है


कागज़ के फूलों जैसी बनना

नहीं मुझे

गुलाब के फूलों की महक सा

बिखरना है मुझे

अभी तो पूरा आसमान छूना है मुझे...



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