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आकांक्षा राजीव

Romance

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आकांक्षा राजीव

Romance

सफर यही तक है

सफर यही तक है

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मैं रहूँ ना रहूँ फिर भी तुझे चलना होगा

ज़िन्दगी का सफर तय करना होगा


तुझे सूरज की किरणों सा चमकना है

मेरी यादों को संजोकर मत रखना

एक भूल थी मैं


ये खुद को समझा लेना

मैं दुनिया में ना रहूँ

तो थाम लेना किसी और का हाथ


कभी उदास ना होना

मैं तो हूँ तेरे बहुत पास

दिल में रहने का हक तो बस है मेरे पास



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