STORYMIRROR

Pawanesh Thakurathi

Drama

3  

Pawanesh Thakurathi

Drama

मुहब्बत

मुहब्बत

1 min
351

उसकी एक मुस्कुराहट ने

मुझ नाचीज को

रब से मिला दिया। 


मगर उसकी नाराजगी का

एहसास होते ही


मैंने उसके नाम लिखे

हर खत को जला दिया। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama