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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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मतदान

मतदान

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दान की परम्परा का

एक बार फिर

निर्वहन करते हैं,

आइए! साथ चलकर

मतदान करते हैं।

मतदान हमारा

लोकतांत्रिक अधिकार है,

परंतु देश के नागरिक हैं

इसलिए कर्तव्य भी।

बस यही याद रखिए

कर्तव्य की बलिवेदी पर

खुद को न बेचिए,

राष्ट्र, समाज और खुद के लिए

मत दान से पहले

खूब सोचिए, विचारिए,

किसी के बहकावे में

कभी न आइए।

खुद ही फैसला कीजिए

सही क्या है?

अपना ही नहीं राष्ट्र का भविष्य

जिन्हें सौंप रहे हैं,

उनके बारे में भी तनिक

विचार कर लीजिये

फिर मतदान कीजिए।

क्योंकि तब 

पाँच साल 

सिर्फ पछताना न पड़ेगा,

सब ओर खुशियों का

परचम जो फहरेगा ।



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